पाठ 332: अर्जुन की घबराहट

अर्जुन बहुत भाग्यशाली था कि वह कृष्ण के विश्वरूप रूप को देख पाया, जिसे बहुत कम ही देखा जाता है।

इस सप्ताह के लिए कार्य

भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 45 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
भगवान कृष्ण के विश्वरूप को देखने का महान वरदान प्राप्त करने के बाद अर्जुन का मन इतना व्याकुल क्यों था?

अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com

(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)