पाठ 318: देवी-देवता कृष्ण की शरण लेते हैं

इस श्लोक में हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि स्वर्ग के निवासी कृष्ण की शरण में जा रहे हैं। भले ही बहुत से लोग इस देवता या उस देवता को सर्वोच्च के रूप में पूजते हैं, लेकिन देवता खुद को ऐसा नहीं मानते। देवताओं की पूजा करने वालों को यह बता देना चाहिए कि जिस तरह से आप अपना पेट भरते हैं और पूरे शरीर को पोषण मिलता हैं, उसी तरह से जब आप परम भगवान श्री कृष्ण को अपनी प्रेममयी सेवा देते हैं, तो आपकी प्रेममयी सेवा अपने आप ही सभी जीवों में फैल जाती है।

इस सप्ताह के लिए कार्य

भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 21 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
आप देवी-देवताओं के उपासकों को क्या सलाह देंगे?

अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com

(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)