पाठ 309: असाधारण कृष्ण

कृष्ण सभी रहस्यमय शक्तियों के स्वामी हैं। इसलिए वे कल्पना से परे या कल्पना में आनेवाली कुछ भी कर सकते हैं। वे केवल अपने आनंद के लिए स्वयं से ही सभी अस्तित्व को उत्पन्न कर रहे हैं। वे हमेशा से सभी अस्तित्व के आधार के रूप में अस्तित्व में रहे हैं। और वे अनंत काल तक ऐसा करते रहेंगे। दूसरे शब्दों में, हम और सब कुछ अस्तित्व में केवल इसलिए है क्योंकि वे ऐसा चाहते हैं। हमारे अस्तित्व की पूर्णता उनके प्रति सुप्त शुद्ध प्रेम को जागृत करके उनके साथ पूरी तरह से फिर से जुड़ना में है जो वर्तमान में हमारे हृदय में सो रहा है। यह भगवद गीता का ध्यानपूर्वक अध्ययन करके और कृष्ण के शुद्ध भक्त, जिसने कृष्ण को पूरी तरह से उसी रूप में अनुभव किया है, की सेवा करके सीखा जा सकता है।

इस सप्ताह के लिए कार्य

भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 9 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
कृष्ण इतने असाधारण क्यों हैं?

अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com

(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)