कृष्ण ने बहुत ही दया भाव से अर्जुन को अपना सार्वभौमिक रूप दिखाया। यह कृष्ण के शुद्ध भक्त होने के अद्भुत विशेषाधिकारों में से एक है। ऐसी मुक्त आत्माएँ सबसे अद्भुत चीज़ों को देखने और अनुभव करने में सक्षम हैं, जिन्हें कोई भी अनुभव नहीं कर सकता। कोई भी भौतिकवादी अपनी सूक्ष्मदर्शी या दूरबीन की शक्ति से ऐसी दृष्टि नहीं पा सकता। इस रूप को देखने के लिए भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होनी चाहिए।
इस सप्ताह के लिए कार्य
भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 8 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
कृष्ण ने अपना विश्वरूप अर्जुन को क्यों दिखाया?
अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com
(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)
