वास्तविकता के बारे में हमारी दृष्टि वास्तव में बहुत सीमित है। हमारे सबसे शक्तिशाली माइक्रोस्कोप और दूरबीनों के साथ भी हम वास्तविकता में जो कुछ भी है, उसका केवल एक बहुत छोटा, अत्यन्त सूक्ष्म अंश ही देख पाते हैं। दूसरे शब्दों में, व्यावहारिक रूप से सब कुछ हमारे लिए अज्ञात रहता है। लेकिन जब हमारे सबसे दयालु भगवान श्री कृष्ण हमें कुछ बताना चाहते हैं, तो हम ऐसी अद्भुत चीजें देख सकते हैं, जो इस ग्रह पर पहले कभी किसी ने नहीं देखी हैं।
इस सप्ताह के लिए कार्य
भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 6 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
कृष्ण का भक्त क्या देखना चाहता है?
अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com
(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)
