हम हर चीज़ के लिए भगवान श्री कृष्ण पर पूरी तरह से निर्भर हैं। जिस तरह अर्जुन कृष्ण की कृपा के कारण ही विश्व रूप को देख पाया था, उसी तरह हम भी कृष्ण की कृपा के बिना अपने चेहरे के सामने रखे हाथ तक को भी नहीं देख सकते।
इस सप्ताह के लिए कार्य
भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 11, श्लोक 5 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
हम इतने घमंडी क्यों हैं कि हम सोचते हैं कि हमें कृष्ण की आवश्यकता नहीं है?
अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com
(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)
