जब यौन-क्रिया का उपयोग भौतिक इंद्रियतृप्ति के लिए किया जाता है तो यह बहुत पापपूर्ण और अपमानजनक होता है। इस तरह का अवैध यौन-क्रिया दुनिया में बहुत बड़ी तबाही मचाता है। हालाँकि, जब यौन-क्रिया का उपयोग केवल संत बच्चे पैदा करने के लिए किया जाता है तो यह स्वयं कृष्ण हैं और इस प्रकार सबसे महिमामय हैं। दुर्भाग्य से आधुनिक सभ्यता में यौन-क्रिया का अत्यधिक दुरुपयोग हो रहा है, जिससे बहुत सारे अवांछित बच्चे पैदा हो रहे हैं जो नियमित रूप से गर्भपात द्वारा मारे जा रहे हैं। वर्तमान समय में हर साल 50 मिलियन बच्चों की इसी तरह से हत्या कर दी जाती है। बच्चों की इस हत्या का कर्म भयानक है। इस प्रकार मानव समाज अब कई भयानक तरीकों से नारकीय पापी प्रतिक्रियाओं को भुगत रहा है। यही कारण है कि अब हर किसी को यह शिक्षित करने की आवश्यकता है कि कैसे यौन-क्रिया का उपयोग केवल संत बच्चे पैदा करने के लिए किया जाए, अन्यथा नहीं। यदि यह पूरा किया जा सका, तो विश्व शांति, समृद्धि और खुशी के एक नए अद्वितीय युग का आनंद उठाएगा।
इस सप्ताह के लिए कार्य
भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 10, श्लोक 28 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
यौन-क्रिया को केवल संतानोत्पत्ति के लिए उपयोग करने का बड़ा लाभ क्या है?
अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com
(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)
