पाठ 174: नियंत्रक या नियंत्रित? आपकी पसंद

कया आप अपने भाग्य को नियंत्रित करना पसंद करते हैं, या क्या आप इसे भौतिक प्रकृति के क्रूर नियमों द्वारा निर्देशित किए जाना पसंद करेंगे? यह आपका चयन है। तो अब वही करें जो आप करना चाहते हैं। आपके पास एक विकल्प है कि आप भौतिक प्रकृति के कैदी बनना चाहते हैं या आप उस पर विजय पाना पसंद करेंगे और एक मुक्त आत्मा बनना चाहेंगे जो शाश्वत है, ज्ञान और आनंद से भरा है और जन्म मृत्यु, बुढ़ापा और रोग के अधीन नहीं है।

इस सप्ताह के लिए कार्य

भगवद-गीता यथा रूप अध्याय 7, श्लोक 5 को ध्यान से पढ़ें और इस प्रश्न का उत्तर दें:
नियंत्रित जीव नियंत्रक कैसे बन सकता है?

अपना उत्तर ईमेल करें: hindi.sda@gmail.com

(कृपया पाठ संख्या, मूल प्रश्न और भगवद गीता अध्याय और श्लोक संख्या को अपने उत्तर के साथ अवश्य शामिल करें)